50 फीसदी अनुदान पर लीजिए पॉवर वीडर

कुल्लू। किसानों-बागवानों के कृषि कार्यों में आधुनिक उपकरण महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। प्रदेश और कुल्लू के छोटे खेतों की जुताई में पॉवर वीडर किसानों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इससे किसानों और बागवानों की आर्थिकी भी सुधर रही है।
पॉवर वीडर छोटे-छोटे खेतों और पेड़ पौधों के बीच आसानी से जुताई कर सकता है। इसमें खर्चा की भी बहुत कम आता है। किसानों का कहना है कि पॉवर वीडर से जुताई के बाद खेतों में पैदावार में भी वृद्धि होती है। किसान और बागबान किशोर महंत नागाबाग, मलोगी के दवेंद्र शर्मा, फल उत्पादक मंडल के पूर्व अध्यक्ष प्रेम शर्मा ने बताया कि पॉवर वीडर से बगीचों में पौधों के बीच भी जुताई की जा सकती है। इसके अलावा पॉवर वीडर से खेतों में जुताई करना सस्ता भी है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में भी पॉवर वीडर को आसानी से उठाकर ले जाया जा सकता है। पॉवर वीडर का वजन 80 से लेकर 120 किलो तक होता है। उन्होंने माना कि किसानों की आर्थिकी को सुधारने में पावर वीडर महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। उधर, बागवानी विभाग कुल्लू के उपनिदेशक बीसी राणा ने बताया कि पॉवर वीडर पर विभाग 50 फीसदी तक सब्सिडी दे रहा है। अधिकतम सब्सिडी 60 हजार रुपये है। उन्होंने बागबानों को आधुनिक उपकरणों को अपनाने की सलाह दी। ग्रीवस और बीसीएस कंपनी के पॉवर वीडर के अधिकृत विक्रेता परसून शर्मा ने बताया कि पॉवर वीडर सवा घंटे में करीब एक बीघा भूमि की जुताई करता है और एक बीघा भूमि की जुताई में करीब सौ रुपये खर्च आता है। उन्होंने बताया कि अक्तूबर से लेकर दिसंबर माह और मार्च-अप्रैल में पावर वीडर की ज्यादा सेल होती है। इस दौरान करीब 300 से ज्यादा पॉवर वीडर किसान खरीदते हैं।

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